उपरोक्त वैदिक वाक्य को जीवन का मूल मंत्र मानते हुए उत्तर प्रदेश के अति पिछड़े जिले देवरिया के विकास खण्ड भटनी के ग्राम बनकटीया, मल्लूपुर में परमपूज्य सत्यानारायण भगवान जी की असीम कृपा से पावन गण्डक नदी के तट पर ज्ञान की गंगा प्रवाहित करने हेतु संकल्पित समाजसेवी श्री गीरी शंकर राय एवं श्री उमाशंकर राय जी द्वारा राम गुलाम राय महाविद्यालय समिति के माध्यम से सन 2002 में 'राम गुलाम राय महाविद्यालय' की स्थापना की गयी।
शिक्षा ही वह श्रेष्ठ माध्यम है जो घने अंधकार एवं सामाजिक जड़ता को समाप्त कर ज्ञान रूपी प्रकाश पुंज से नव चेतना, सभ्य एवं संस्कारयुक्त समाज तथा सृजनात्मकता के पथ का निर्माण करती है और प्रत्येक व्यक्ति को अपने व्यक्तित्व के चतुर्मुखी विकास करने का अवसर उपलब्ध कराती है। इस अति पिछड़े क्षेत्र के युवाओं एवं युवतियों में नई सोच एवं ऊर्जा का संचार करने के साथ ही गुणवत्तापरक, परिमार्जित एवं व्यावसायिक शिक्षा प्रदान करने हेतु महाविद्यालय स्थापना प्रथम से ही प्रतिबद्ध है। वर्तमान में महाविद्यालय में स्नातक स्तर पर कला संकाय, वाणिज्य संकाय, विज्ञान संकाय एवं शिक्षा संकाय के साथ-साथ स्नातकोत्तर स्तर पर कला संकाय एवं वाणिज्य संकाय के विभिन्न विषयों/पाठ्यक्रमों का संचालन हो रहा है।
महाविद्यालय के इस यज्ञ में सहभागी बने क्षेत्र के युवा एवं युवतियाँ अपनी प्रतिभा के द्वारा राष्ट्र एवं समाज के उत्थान में अपने उत्तरदायित्वों का सम्यक निर्वहन कर रहे हैं। यह हमारे लिए अत्यन्त हर्ष का विषय है। महाविद्यालय परिवार, शासन तथा विश्वविद्यालय प्रशासन के पावन सहयोग एवं मार्गदर्शन से निरन्तर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। इसके लिए मैं सभी दृश्य एवं अदृश्य शक्तियों के प्रति हृदय से आभारी हूँ।